English മലയാളം

Blog

hijab-Row-2

परिजनों का कहना है कि गुरुवार को मामले की शिकायत थाना और कॉलेज से करेंगे। इस पूरे प्रकरण पर शिक्षक प्रशांत त्रिवेदी का कहना 7है कि कक्षा में राजनीति विषय पर चर्चा होते हुई हिजाब पर पहुंच गई। ऐसे में वो छात्रा उठकर जोर से चिल्लाकर अपनी बात रखने लगी।

 

कर्नाटक (Karnataka) में हिजाब (Hijab Row) को लेकर चल रहा विवाद पर अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जौनपुर (Jaunpur) में भी पहुंच गया है। तिलधारी सिंह डिग्री कालेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि कॉलेज (College) में हिजाब पहनकर जाने पर राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) ने उसे फटकार लगाते हुए कहा कि ये सब काम पागल करते हैं। आरोप है असिस्टेंट प्रोफेसर ने छात्रा को क्लास से बाहर निकाल दिया। आरोप लगाने वाली छात्रा जरीन बीएम फाइनल ईयर की छात्रा है। जरीना ने आरोप लगाया है कि बुधवार दोपहर 2 बजे वो क्लास में हिजाब पहन कर गई। वो सीट पर बैठने जा रही थी, तभी क्लास ले रहे प्रोफेसर प्रशांत त्रिवेदी ने उसे रोका। आरोप है कि उन्होंने उससे कहा कि बार-बार मना करने के बाद भी वो इस तरह की ड्रेस क्यों पहनकर आती है।

Also read:  पंजाब में आम आदमी करेगी मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान, खुद अरविंद केजरीवाल करेंगे नाम घोषित

इस पर छात्रा ने कहा कि वो सिर ढकने के लिए हिजाब पहनती है। आरोप है कि प्रोफेसर ने कहा कि ये सब काम पागल लोग करते हैं। बुर्के को उतार फेंकना चाहिए। इसके बाद छात्रा कॉलेज प्रशासन से बिना शिकायत करे ही रोते हुए घर पहुंच गई। घर पहुंचकर उसने परिजनों को मामले की जानकारी दी।

Also read:  'क़तर डिजिटल परिवर्तन, अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में काम करता है'

कॉलेज और थाने में करेंगे शिकायत

इसके बाद ये मामला मीडिया की जानकारी में आया। परिजनों का कहना है कि गुरुवार को मामले की शिकायत थाना और कॉलेज से करेंगे। इस पूरे प्रकरण पर शिक्षक प्रशांत त्रिवेदी का कहना है कि कक्षा में राजनीति विषय पर चर्चा होते हुई हिजाब पर पहुंच गई। ऐसे में वो छात्रा उठकर जोर से चिल्लाकर अपनी बात रखने लगी। मैंने उसे कहा कि वह शांत होकर बैठ जाए। वो किस ड्रेस में आ रही है, इसको रोकने का काम उनका नहीं है, ये कॉलेज प्रबंधन और प्रिंसिपल का फैसला है। इसको लेकर क्लास की किसी भी छात्रा से पूछा जा सकता है।

Also read:  देशभर में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने की जरूरत,जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन के लिए केंद्र सरकार एक विधेयक ला सकती

प्रिंसिपल ने कहा मुझे कोई परेशानी नहीं है

वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आलोक सिंह का कहना है कि अभी इस बारे में उनको कुछ भी नहीं पता है और ना ही किसी ने इस तरह की शिकायत की है। मैं शाम 6 बजे तक कॉलेज में ही था। मुझे केवल कॉलेज ड्रेस से मतलब है कि ताकि ये साफ हो सके कि वह मेरे कॉलेज का है। इसके बाद कोई क्या पहनता है कि ये उसकी धार्मिक स्वतंत्रता है, मुझे कोई आपत्ति नहीं है।