English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-06 102705

 मायावती ने कहा कि केवल उनको सस्पेंड व निकालने से काम नहीं चलेगा बल्कि उनको सख्त कानूनों के तहत जेल भेजना चाहिए। मायावती से पहले अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा।

 

 पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए कथित विवादित बयानों के लिए रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया। नूपुर शर्मा के अलावा दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, अब समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को भाजपा पर हमला बोला।

 

Also read:  भारत ने गेहूं एक्सपोर्ट पर लगाया प्रतिबंध, अमेरिका ने कहा-अपने फैसले पर करेगा फिर से विचार

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “देश में सभी धर्मों का सम्मान जरूरी। किसी भी धर्म के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं। इस मामले में भाजपा को भी अपने लोगों पर सख्ती से शिकंजा कसना चाहिए। केवल उनको सस्पेंड व निकालने से काम नहीं चलेगा बल्कि उनको सख्त कानूनों के तहत जेल भेजना चाहिए। इतना ही नहीं बल्कि कानपुर में अभी हाल ही में जो हिंसा हुई है, उसकी तह तक जाना बहुत जरूरी। साथ ही इस हिंसा के विरुद्ध हो रही पुलिस कार्रवाईयों में निर्दोष लोगों को परेशान ना किया जाए, बीएसपी की यह भी मांग है।”

 

Also read:  कतर फाउंडेशन फॉर सोशल वर्क सामाजिक कार्य संस्कृति कार्यशालाओं को फिर से सक्रिय करता है

बताते चलें मायावती से पहले अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा नूपुर शर्मा पर सिर्फ निलंबन की दिखावटी कार्रवाई न करे बल्कि वैधानिक कदम उठाए। विवादित बयान पर भाजपा से निलंबन तो उनका भी हुआ था, जो आज उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री बने बैठे हैं। मालूम हो, भाजपा ने नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब उनके बयानों को लेकर विवाद हो गया था और मुस्लिम समुदाय ने इसका भारी विरोध किया था।

Also read:  RPF कांस्टेबल ने अपने सीनियर एएसआई पर ताबड़तोड़ फायरिंग, घटना में एएसआई और तीन अन्य पैसनजर्स की मौत