English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-09-10 194315

 केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि आज राजस्थान अपराधों की राजधानी बन चुका है। जनता अब कांग्रेस द्वारा किए वादों का हिसाब मांग रही है। कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती रही है। जनता अब इसका पूरा पूरा हिसाब लेगी।

 

शाह शनिवार को जोधपुर प्रवास पर ओबीसी मोर्चा की कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद रावण का चबूतरा में हो रहे बूथ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं, विदेशी जर्सी पहनकर भारत जोड़ने निकले हैं।

उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा हमला बोला और कहा कि उन्होंने कई शहरों में सुनियोजित दंगे करवाए है। हिन्दुओं के त्योहारों पर प्रतिबंध सहन नहीं किया जाएगा।

Also read:  IIM-Indore ने बना नया रिकॉर्ड, केवल 2 महीने के इंटर्नशिप के लिए विद्यार्थियों को मिले अधिकतम 6 लाख का वजीफा

शाह ने सम्मेलन में आए मारवाड़ के सभी कार्यकर्ताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सबसे बड़ा काम तीन लाख तक मुफ्त इलाज का किया। भामाशाह योजना लागू कर हर व्यक्ति को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई। आज कांग्रेस की सरकार ने राजस्थान को विकास की दौड़ में पीछे कर दिया है। प्रदेश अपराधों का केंद्र बन गया है। देश में सिर्फ दो राज्य में कांग्रेस की सरकार बची है, छत्तीसगढ़ और राजस्थान।

Also read:  भारत सरकार का आदेश मानने के मूड में नहीं Twitter, कहा - ऑर्डर भारतीय कानूनों के अनुरूप नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ध्यान से सुनें। आपके गांव में आकर बोल रहा हूं। जनता 2018 में किए गए वादों का हिसाब मांग रही है। दस दिन के अंदर किसानों का ऋण माफ करने का क्या हुआ? वसुंधरा गईं तो बेरोजगारी की दर 5.4 प्रतिशत थी, गहलोत के राज में 32 प्रतिशत हो गई। बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, जो किसी को नहीं मिलता। 20 लाख रोजगार देने का वादा किया था, गहलोत जरा दस प्रतिशत का हिसाब दिखा दो।

शाह ने कहा कि भारत सरकार ने पेट्रोल से टैक्स कम किया। भाजपा की राज्य सरकारों ने वैट कम किया लेकिन गहलोत ने कम नहीं किया। देश में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान में मिलता है। सबसे महंगी बिजली राजस्थान में मिलती है।

Also read:  एडीआर की रिपोर्ट में हुआ खुलासा- गोवा में पांच साल में 24 विधायकों ने किया दलबदल

उन्होंने कहा कि संत विजय दास को भरतपुर में आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा, फिर भी खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसी घटनाएं पहले राजस्थान में सुनी हैं क्या? प्रशासन पर गहलोत का कोई कंट्रोल नहीं है। गहलोत के राज में लॉ एंड ऑर्डर का मतलब पैसा ला और ऑर्डर करो हो गया है।