English മലയാളം

Blog

वॉशिंगटन: 

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चौतरफा घिरे हुए हैं. एक ओर उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित हो गया, तो दूसरी ओर कैपिटल हिल्स (Capitol Hills Violence) में हुई हिंसा को लेकर हर तरफ उनकी आलोचना हो रही है. हिंसा के खिलाफ उनकी ही पार्टी के सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ट्रंप को बैन कर दिया गया है. ट्विटर ने सबसे पहले ट्रंप को बैन किया था, जिसके बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और फिर यूट्यूब ने भी नागरिक सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्रंप पर बैन लगा दिया. ट्विटर के CEO जैक डोर्सी (Jack Dorsey) ने अब से कुछ देर पहले ट्रंप को बैन किए जाने पर अपनी बात रखी है.

Also read:  बिहार चुनाव : रैलियों में नेता नहीं मिल सकेंगे गले, सरकार ने गाइडलाइन जारी की

जैक डोर्सी ने ट्वीट किया, ‘डोनाल्‍ड ट्रंप को ट्विटर से प्रतिबंधित करने पर मैं जश्न नहीं मना रहा हूं या मुझे गर्व नहीं है. चेतावनी के बाद हमने ये कार्रवाई की. हमने ट्विटर और बाहरी तौर पर, दोनों जगह भौतिक सुरक्षा के खतरों के आधार पर सबसे अच्छी जानकारी के साथ एक निर्णय लिया. क्या यह सही था?’

जैक डोर्सी ने आगे लिखा, ‘मेरा मानना है कि ये ट्विटर के लिए सही फैसला था. हमने एक असाधारण और अस्थिर परिस्थिति का सामना किया, जिससे हमें सार्वजनिक सुरक्षा पर अपने सभी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर होना पड़ा. ऑनलाइन भाषण के परिणामस्वरूप असल में होने वाला नुकसान वास्तविक है और जो हमारी नीतियों को लागू करने के लिए सर्वोच्च हैं.’

Also read:  Coronavirus India: संक्रमणमुक्त हुए मरीजों की संख्या 75 लाख के पार, एक दिन में सामने आए 45230 नए मामले

डोर्सी ने आगे लिखा, ‘उन्होंने कहा कि एक अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने से वास्तविक और महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, हालांकि साफ और स्पष्ट अपवाद है कि मुझे लगता है कि प्रतिबंध हमारे लिए अंततः बेहतर बातचीत को बढ़ावा देने में नाकामी है और ये हमारे संचालन और आसपास के वातावरण से हमारा सामना करवाता है.’