English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-08-04 143758

बिहार में कई नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण उत्तरी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

नेपाल और सीमा से सटे राज्य के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने के बाद पिछले कुछ दिनों में कोसी, कमला बलान एवं बागमती नदियों में जलस्तर बढ़ गया है । ये तीनों नदियां शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल, मधुबनी, खगड़ियां और पूर्णिया जैसे जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Also read:  अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर साधा निशाना, उत्तर भारत की समस्या है वायु प्रदूषण, इसके लिए सिर्फ AAP या दिल्ली-पंजाब सरकार जिम्मेदार नहीं

मधुबनी जिले के जयनगर और झंझारपुर को छोड़कर बाकी जगहों पर कमला बलान में जलस्तर बढ़ रहा है। जयनगर और झंझारपुर में कमला बलान में जलस्तर घटने लगा है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि उसके दल बैराजों एवं तटबंधों पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं। इस बीच, गंगा में भी जलस्तर बढ़ा है तथा पटना जिले में गांधी घाट एवं हाथीदाह में जलस्तर खतरे के निशान से बस एक मीटर नीचे है।

Also read:  कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर हमला किया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस नदी के आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। वह कोविड-19 संक्रमित होने के बाद पिछले एक पखवाड़े से घर में ही थे और वह हाल में ही संक्रमणमुक्त हुए।

Also read:  कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए पाकिस्तान और आतंकवाद जिम्मेदार- गुलाब नबी आजाद