English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-02-19 142003

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए होटलों को गिराने का आदेश जारी किया है।

दरअसल, एनजीटी सुंदरवन में एक होटल निर्माण की अनुमति से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहा था।

इस होटल को लेकर पश्चिम बंगाल राज्य तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (WBCZMA) ने आपत्ति जताई थी।

Also read:  राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में आए शिवसेना के सांसद, उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी

एनजीटी की जस्टिस एके गोयल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, सुंदरबन कमजोर तटीय क्षेत्र में है और यहां किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। पीठ ने तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण की आपत्ति को बरकरार रखते हुए निर्माण को अवैध घोषित कर दिया।

Also read:  केजरीवाल ने मोदी को लिखा पत्र- 80 फीसदी से अधिक सरकारी स्कूल "जंकयार्ड से भी बदतर", 10 लाख सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना की मांग की

तीन महीने में अवैध निर्माण गिराने का आदेश

पीठ ने तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की एक संयुक्त समिति को तीन महीनों के भीतर अवैध निर्माण को गिराने और क्षेत्र की बहाली सुनिश्चित करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि मैंग्रोव तेज हवाओं और ज्वार की गतिविधियों को रोककर जीवन और संपत्ति की रक्षा करते हैं और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र सेवाएं प्रदान करते हैं।

Also read:  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्तिकेय सिंह से कानून मंत्रालय वापस ले लिया, हैशमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया