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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए होटलों को गिराने का आदेश जारी किया है।

दरअसल, एनजीटी सुंदरवन में एक होटल निर्माण की अनुमति से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहा था।

इस होटल को लेकर पश्चिम बंगाल राज्य तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (WBCZMA) ने आपत्ति जताई थी।

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एनजीटी की जस्टिस एके गोयल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, सुंदरबन कमजोर तटीय क्षेत्र में है और यहां किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। पीठ ने तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण की आपत्ति को बरकरार रखते हुए निर्माण को अवैध घोषित कर दिया।

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तीन महीने में अवैध निर्माण गिराने का आदेश

पीठ ने तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की एक संयुक्त समिति को तीन महीनों के भीतर अवैध निर्माण को गिराने और क्षेत्र की बहाली सुनिश्चित करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि मैंग्रोव तेज हवाओं और ज्वार की गतिविधियों को रोककर जीवन और संपत्ति की रक्षा करते हैं और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र सेवाएं प्रदान करते हैं।

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